बंद करना

    कौशल शिक्षा

    कला शिक्षा के रूप में कौशल शिक्षा

    कला और संस्कृति किसी भी राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। हमारा देश समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिपूर्ण है, जिसमें प्राचीन से लेकर समकालीन कला, लोक एवं पारंपरिक कलाओं तथा विभिन्न लोक कथाओं का समावेश है। इन्हें संरक्षित करना, उनका अन्वेषण करना और विद्यार्थियों के बीच उनका प्रसार करना हमारी जिम्मेदारी है। कला और संस्कृति साझा दृष्टिकोण, मूल्यों, उद्देश्यों और परंपराओं का प्रतिनिधित्व करती हैं। संस्कृति और रचनात्मकता लगभग सभी आर्थिक, सामाजिक एवं अन्य गतिविधियों में अभिव्यक्त होती हैं।

    भारत के पास कला एवं सांस्कृतिक विरासत का एक अत्यंत प्राचीन और समृद्ध खजाना है। यहाँ गुफा चित्रकला,सिंधु घाटी सभ्यता की कला, अजंता, एलोरा, एलीफेंटा, मधुबनी, वारली, गोंड, तंजौर जैसी लोक एवं पारंपरिक कलाओं के साथ-साथ मुगल, दक्कनी, राजस्थानी और पहाड़ी शैली की लघु चित्रकलाओं जैसी विभिन्न कला शैलियाँ विद्यमान हैं। भारत की कलात्मक परंपराएँ प्राचीन हैं और उनका धर्म से भी गहरा संबंध रहा है। अपने लंबे इतिहास में विभिन्न समयों पर विदेशी जातियों और संस्कृतियों ने भारतीय कला रूपों को प्रभावित किया, फिर भी भारतीय कला की मूल सौंदर्यपरक धाराएँ मुख्यतः भारतीय ही बनी रहीं।

    चित्रांकन, पेंटिंग, ग्राफिक्स (प्रिंटमेकिंग), मूर्तिकला, भित्ति चित्र, डिजाइन और मिट्टी के बर्तन निर्माण जैसी विभिन्न कला शिक्षा विधाओं के माध्यम से हम विद्यार्थियों को अपने कौशल विकसित करने और दृश्य कला के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए सक्षम बनाते हैं। साथ ही, इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को
    अपने सांस्कृतिक मूल्यों को समझने का अवसर भी मिलता है।

    विद्यार्थियों के विकास तथा उनकी रचनात्मक क्षमताओं और सौंदर्यबोध को विकसित करने के लिए एक सुव्यवस्थित एवं अच्छी तरह से सुसज्जित कला/चित्रकला स्टूडियो की योजना बनाई जानी चाहिए। साथ ही, प्रतिष्ठित कलाकारों एवं कुशल व्यक्तियों द्वारा कला कार्यशालाओं और प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को प्रेरित किया जा सके, उनकी रचनात्मक क्षमताओं को निखारा जा सके और उन्हें कला शिक्षा के क्षेत्र में
    कुशल बनने के साथ-साथ समाज के जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।

    आज कला के विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार एवं करियर के अनेक अवसर उपलब्ध हैं। हम अपने विद्यार्थियों को दृश्य कला के विभिन्न क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए तैयार कर सकते हैं तथा उनकी रचनात्मक प्रतिभा और क्षमता का विकास कर सकते हैं।

    Carpenter Workshop

    बढ़ई की कार्यशाला